Wednesday, March 17, 2010

औली के बारे में कुछ

औली उत्तराखण्ड का एक भाग है। यह 5-7 किमी. में फैला छोटा-सा स्की रिसोर्ट है। इस रिसोर्ट को 9,500-10,500 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। यहां बर्फ से ढकी चोटियां बहुत ही सुन्दर दिखाई देती हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 23,000 फीट है। यहां पर देवदार के वृक्ष बहुतायत में पाए जाते हैं।

औली में प्रकृति ने अपने सौन्दर्य को खुल कर बिखेरा है। यात्रा करते समय आपको गहरी ढ़लानों और ऊंची चढाई चढ़नी पड़तीं है। यहां पर सबसे गहरी ढलान 1,640 फुट पर और सबसे ऊंची चढा़ई 2,620 फुट पर है। यहां पर केवल स्किंग और केवल स्किंग की जा सकती है। इसके अलावा यहां पर अनेक सुन्दर दृश्यों का आनंद भी लिया जा सकता है। नंदा देवी के पीछे सूर्योदय देखना एक बहुत ही सुखद अनुभव है। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान यहां से 41 किमी. दूर है।

यहां पर स्की करना सिखाया जाता है। गढ़वाल मण्डल विकास निगम ने यहां स्की सिखाने की व्यवस्था की है। यह ट्रेनिंग हर वर्ष जनवरी-मार्च में दी जाती है। मण्डल के अलावा निजी संस्थान भी ट्रेनिंग देते हैं।

औली की यह तस्वीरें मुझे ताउजी ने मेल से भेजी थी। जिन्हें उन्होंने अपनी औली यात्रा के दौरान स्वयं लिया है।












11 comments:

Suman said...

nice

"अर्श" said...

khubsurat yatra vritant.....



arsh

Udan Tashtari said...

बहुत अच्छी जानकारी...ताऊ ने तस्वीरें बहुत सुन्दर ली हैं..उनका आभार!!

डॉ. मनोज मिश्र said...

अच्छी जानकारी-अच्छा चित्र.

ललित शर्मा said...

वाह! ताउ जी फ़ोटो ग्राफ़ी जोरदार है।
औली दर्शन कराने के लिए धन्यवाद्।

मुनीश ( munish ) said...

vah ! vah !

ताऊ रामपुरिया said...

औली पर आपने खूबसूरत जानकारी दी. वाकई स्वर्ग जैसी शांत और सुंदर जगह है.

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

VERY NICE.

Arun said...

Bahut achhe pictures hai aur discription bhi achha diya hai...

नीरज मुसाफिर जाट said...

ताऊ ने ये चित्र अपने यहां क्यों नहीं लगाये?
क्योंकि इस तरह के चित्र व जानकारी एक घुमक्कड के ब्लॉग पर ही जचते हैं।
ताऊ का बहुत-बहुत धन्यवाद।

boletobindas said...

ताऊ बड़े काम की चीज हैं...