Tuesday, July 21, 2009

नैनीताल में भी हैं चिनार के पेड़

अभी कुछ दिन पहले की ही बात है कि दिल्ली में रहने वाले एक मित्र से बात हो रही थी कि अचानक ही बात चिनार के पेड़ों पर आ गई और उसने बोला - चिनार के पेड़ तो कश्मीर में ही होते हैं और क्या खुबसूरत पेड़ होते है।

मेरे आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा क्योंकि चिनार तो नैनीताल में भी होते हैं और हम तो रोज़ाना चिनार को देखते ही रहते हैं।

उसे इस बात पर यकीन नहीं था तो कुछ चिनार की तस्वीरें लेकर उसे मेल कर दी। तस्चीरें देख के उसे यकीन हुआ और बोला कि - मुझे लगता था कि चिनार या कश्मीर में होता है या फिर कनाडा में।

खैर जो भी हो उसकी ये बात तो बिल्कुल सही है कि चिनार का पेड़ होता बहुत सुंदर है और हर मौसम के अनुसार उसकी पत्तियों के जो रंग उभरते हैं वो तो किसी को भी रोमांचित कर दें।

पतझड़ के मौसम में सड़कों में बेहिसाब चिनार के पत्तों का बिखरे रहना भी कुछ कम रोमांचित करने वाला नहीं होता है।

चिनार हिमाचल में भी होते हैं और कनाडा का तो राष्ट्रीय वृक्ष भी चिनार ही है। चिनार के पेड़ काफी विशाल होते हैं और बहुत सालों तक टिके रहते हैं। चिनार के पेड़ का औषधीय उपयोग भी किया जाता है। इसकी पत्तियां विशेष रूप से आकर्षित करती हैं। इसका बॉटनिकल नाम Platanus orientalis होता है।

यहां पर नैनीताल के चिनार की कुछ अलग-अलग तस्वीरों को लगा रही हूं।

























20 comments:

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

चिनार के पेड़ों की खूबसूरती का कहना ही क्या.. आपने बहुत अच्छी जानकारी दी.. आभार

अजय कुमार झा said...

आपके ब्लॉग पर आकर आँखों को सुकून मिलता है..बहुत ही सुन्दर..

डॉ. मनोज मिश्र said...

सही है,इस वृक्ष के बारे में न जाने कितने साहित्यकारों ने अपनी लेखनी चलाई है.

महामंत्री - तस्लीम said...

Shaandar ped hain.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Udan Tashtari said...

बहुत सुन्दर लगे सभी चित्र.

Raushni said...

Chinar ke baare mai bahut achhi jankari aur photo upalabdha karaye apne...

ताऊ रामपुरिया said...

वाह ये खूबसूरत नजारा तो काश्मीर की याद दिला रहा है. बहुत चित्र. शुभकामनाएं.

रामराम

savita verma said...

kya iski poudh mil jayegi jise hum ramgarh me lagana chahenge.vaha bhi burf girti hai.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

चलो इसी बहाने सुंदर चित्र देखने को मिले.

M.A.Sharma "सेहर" said...

इतना चिनार है नैनीताल में ..कमाल है ??
कभी गौर भी नहीं किया ...कश्मीर में तो देखा ही था.!!

बहुत सुन्दर चित्रों के साथ रोचक लेख !!

Ratan Singh Shekhawat said...

बहुत सुन्दर लगे सभी चित्र.

मुनीश ( munish ) said...

आपका वो मित्र तो है ही बौड़म परशाद बी.ऐ. , आपकी राज्य सरकार भी कुछ कम नहीं जो इस बात को प्रचारित नहीं करती !. कनाडा हो या कश्मीर आप उनके ट्रेवल -लीफ लेट्स में इन पत्तों की तस्वीर अक्स़र पायेंगे . इस पेड़ की मज़बूती बेमिसाल होती है . अगर आप अपनी राज्य सरकार का ध्यान इसे उगाने की ओर दिलाएं तो आपका नाम मशहूर हो जाएगा . नाम की फिक्र नहीं? तो निस्स्वार्थ भाव से ही सही आप इन पेडों को उगाने का अभियान चलायें , ये पर्यावरण में आपकी ओर से एक पहल होगी चूंकि नैनीताल में ये उतने नहीं जितने और हो सकते हैं .

Mired Mirage said...

आपने तो दिल खुश कर दिया।
घुघूती बासूती

Arun said...

chinar ki baare mai likh ki achha kaam kiya

प्रेमलता पांडे said...

सुंदर तस्वीरें!

अभिषेक ओझा said...

खुबसूरत !
इनकी अवैध कटाई भी होती होगी?

Abhishek Mishra said...

Nainital mein Chinar! Kafi kam jante hain ham apne aas-paas ke bare mein.

मुनीश ( munish ) said...

Yes...we know nothing about our surroundings but feel proud while narrating useless details about distant lands . O bloggers ! Go local ,then think of getting global.

विनीता यशस्वी said...

Abhishek OJha ji : Nainital mai chinar ki zyada awaidh katai nahi hoti hai lakin dusre pero ki awadh katai bahut zyada hoti hai...

Abhishek Mishra : Apne bilkul thik kaha ki hum log apne aas paas ke baare mai bahut kam jante hai...jubki subse pahle hume apni aas pas ki duniya ko hi janana chahiye...

Munish : very True saying - O bloggers ! Go local ,then think of getting global.

hem pandey said...

जब नैनीताल में रहते थे तब नहीं मालूम था कि इसे चिनार कहते हैं,अब फोटो देख के पता लगा.