Tuesday, July 26, 2011

एक छोटी सी ट्रेकिंग

कल मैं नैनीताल से कुछ दूर एक गांव की ओर ट्रेकिंग पर निकल गयी थी। हालांकि मौसम धुंध भरा था पर तेज बारिश नहीं थी इसलिये जाने में बुराई तो नहीं थी पर ये जरूर था कि शायद घने धंुध में अच्छी तस्वीरें न मिलें पर फिर भी कभी-कभी धुंध में भी कुछ तस्वीरें मिल ही जाती हैं।

जहां ट्रेकिंग के लिये गई वहां एक छोटा सा गांव था। गांव को पार करते हुए जब जंगल की तरफ निकले तो कुछ ऐसा दिखा जिसकी उम्मीद नहीं थी। उंची पहाड़ी पर स्थानीय मंदिर, जिसके बारे में बाद में पता चला कि वो भूमिया देव का मंदिर है जो गांव की भूमि और जानवरों की रक्षा करते हैं। इस मंदिर से कुछ आगे निकले तो एक बेहद पुराना खंडहर दिखायी दिया। सूनसान जंगल में घने धुंध के बीच वो खंडहर भूतहा इमारत जैसा लग रहा था। जब उसके पास जाकर देखा तो वो ब्रिटिश जमाने की भव्य इमारत लगी जो अब बुरी तरह टूट चुकी थी और इसके अंदर घनी झाडि़यां उग आयी थी। जिस कारण इसके अंदर जाना तो संभव नहीं हुआ पर बाहर से इसकी कुछ तस्वीरें जरूर ले ली। इस खंडहर के बारे में कोई भी जानकारी किसी से नहीं मिल पाई सो कुछ बता पाना तो मुश्किल है पर हां इतना जरूर है कि यह खंडहर लगभग 100 साल से ज्यादा पुराना तो होगा ही। यहां पर इसी छोटी सी ट्रेकिंग की कुछ तस्वीरें...








16 comments:

जाट देवता (संदीप पवाँर) July 26, 2011 7:15 PM  

इतना पुराना, लेकिन आज भी देखो, शान अच्छी है।

ब्लॉ.ललित शर्मा July 26, 2011 10:37 PM  

भुतहा खंडहर सा दिख रहा है।

abcd July 26, 2011 11:01 PM  

kyaa is khandahar kee chat(roof) hai?
kyaa yahan koi rehta hai?
kya iske peeche khaai hai?
kyaa iske aas paas zheel hai?
kya isme teh-khaana bhi hai?

abcd July 26, 2011 11:28 PM  

aakhri fotu me bhi kuch baat hai ......aisa lag raha hai jaise ek chehra hai jiske aankh aur muh bhee hai....kya aaakhree fotu us makaan ka piche ka hissa hai??

abcd July 26, 2011 11:34 PM  

3rd aur 6th fotu me jo daaliya hai wo ek hi ped ki hai ya alag alag ?

i agree, small trackings are very refreshing.

अभिषेक मिश्र July 27, 2011 12:22 AM  

छोटी-छोटी ट्रेकिंग और छोटी-छोटी पोस्ट्स. बस छोटी सी निरंतरता की भी अपेक्षा है. धन्यवाद.

विनीता यशस्वी July 27, 2011 4:35 PM  

ABCD : apke sare sawalo ke jawab News Channel wale hi de sakte hai... hihihihi... waise sawal achhe hai...

ताऊ रामपुरिया July 27, 2011 8:22 PM  

धुंध में ट्रेकिंग और द्गुंध के बैकग्राऊंड में फ़ोटोग्राफ़ी बहुत सुंदर लगी, शुभकामनाएं.

रामराम.

डॉ. मनोज मिश्र July 27, 2011 9:30 PM  

नयी जानकारी -बढ़िया पोस्ट.

दीपक बाबा July 28, 2011 1:05 PM  

बदिया लगा.......

खंडर

सुनीता July 31, 2011 11:07 PM  

काफी दिनों बाद कुछ अच्छा पढ़ने और देखने को मिला ....

Manu August 1, 2011 6:52 PM  

Itni dhundh main bariya photographi ki hai,imaarat dekh k lag raha tha ki kisi film k liye set banaya hai.

कविता रावत August 20, 2011 5:40 PM  

British Jamane kee imarat kee tasveer abhi bhi bahut sundar lag rahi hai.. us jamane mein kitni sundar rahi hogi.. yah sochkar man romanchit ho utha..
bahut badiya prastuti..
haardik subhkamnayen!

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