Thursday, December 23, 2010

कुछ यादें मसूरी की

अभी कुछ दिन पहले ही अपनी 'नानी के घर' मसूरी से वापस लौटी हूँ फिलहाल वहाँ की कुछ तस्वीरें लगा रही हूं। वृतान्त फिर लिखूंगी...

















13 comments:

सुनीता said...

bahut sundar photo hain vineeta ,, lekh ka intzaar rahega :)

निपुण पाण्डेय said...

bahut bahut sundar foto! jaldi se vrittant bhi suna do ab :)

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

हमें भी अपनी 2002 की मसूरी की याद आ गयी।

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मोबाइल चार्ज करने की लाजवाब ट्रिक्‍स।

Manish Kumar said...

Do baar jana hua hai mussorie.pedon ke beech uthta dhuan sabse sundar laga.

विजय गौड़ said...

kaun kab aur kaise kitni bar jaaye kahan kya tasweeren usko darj karti hain ? sundar photo hai vinnee.

नीरज जाट जी said...

मसूरी से इतनी बरफ दिख रही हैं।
अभी मैं कुछ दिन पहले हरिद्वार गया था। वहां हर की पैडी से बरफ दिख रही थी। घोर आश्चर्य था यह।

Abhishek Mishra said...

Vakai 'Parvaton ki rani' hai Masuri. Shabd chitr ka intajar rahega.

Kunwar Kusumesh said...

wonderful photos.

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

मसूरी वाकई लाजवाब है.. आपकी तस्वीरों ने यह एक बार फिर साबित कर दिया

हैपी ब्लॉगिंग

विनीता यशस्वी said...

Neeraj ji...apki baat sunke to mujhe ab Haridwar mai Her Ki Pairi jane ka man kar ra hai...kuki mujhe to yaad nai parta ki maine kabi waha se barf dekhi ho...

Kajal Kumar said...

वाह! पहाड़ों की बात ही कुछ और है. अतुलनीय.

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA said...

आपको नववर्ष 2011 मंगलमय हो ।
क्या बात है । मजा आ गया ।
जितनी तारीफ़ की जाय कम है ।
सिलसिला जारी रखें ।
आपको पुनः बधाई ।
satguru-satykikhoj.blogspot.com

P.N. Subramanian said...

वैसे मसूरी सुन्दर जगह है. आपके चित्र भी सुन्दर लगे.