Tuesday, November 30, 2010

मेरा नैनीताल

सर्दियों में नैनीताल के दो अलग अलग रंग

 शाम के समय


सुबह के समय

15 comments:

पारुल "पुखराज" said...

khuubsurat ! ye shaam khaaskar

'उदय' said...

... shaandaar-jaandaar post !!!

नीरज बसलियाल said...

उत्तराखंडी होने के बावजूद कभी नैनीताल नहीं गया | शर्म आती है मुझे अपने पर...

sunita said...

काश यह सुबह और शाम अपनी होती :))
बहुत सुंदर विनीता

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर, इतने सुंदर की शब्दों की जरूरत ही नही. सीधे समा गये. शुभकामनाएं.

रामराम.

विजय गौड़ said...

shandar phto hain ye tou. kamal ke!!!!!!!!

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

Nice Photographs :)

Happy Blogging

मुनीश ( munish ) said...

very sharp pics . congrats on buying new camera !

Abhishek Mishra said...

Naye Camere ki nai tasveeron ki badhai, aur tasveeron ki bhi pratiksha rahegi.

Abhishek Mishra said...
This comment has been removed by the author.
विनीता यशस्वी said...

thanks Munish, Thanx Abhishake and thanx to u all...

परमेन्द्र सिंह said...

खूबसूरत तस्वीरें। पहला दृश्य शायद स्नो व्यू से लिया गया है, वहाँ से ‘पैरामीशियम’ के आकार की झील अपनी सम्पूर्णता में दिखायी देती है।

Manish Kumar said...

shaam ki photo shaandaar hai.

P.N. Subramanian said...

बेहद मनमोहक.

Darshan said...

"यो मेरो कुमाऊं यो मेरो गढ़वाला"..
पहली बार आपके ब्लॉग पे आया और मन हर्षित हो गया ..जिस तरीके से आपने उतराखंड को संजोया है अपने ब्लॉग पर वह सराहनीय है !
धन्यवाद !!

Darshan