Thursday, July 29, 2010

नैनीताल की बारिश

आजकल मेरा कैमरा खराब हो गया है इसलिये अपना शौक मोबाइल से पूरा कर रही हूं और उसकी के चलते बारिश के कुछ चित्र ले लिये...

बारिश का मौसम है छाते ले लो छाते


 
बारिश में कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है


 
बारिश में झील को देखना


 
बारिश में झील को देखना


 
बारिश में भी घर तो जाना ही है


 
अकेले अकेले बारिश का मजा


12 comments:

पारूल said...

ye peeli building hotel INDIA hai kya ?

विनीता यशस्वी said...

INDIA hotel ke sath mai hi hotel EVERST hai...uski building hai...

पारूल said...

thx...dhundhli si yaad thi...

नीरज जाट जी said...

किसी भी फोटो को देखकर ऐसा नहीं लगता कि यह नैनीताल है।
एक में एक होटल आ रहा है। फिर सभी में छतरी लगाये लोग और झील का पानी दिख रहा है। अगर झील के उस तरफ जरा सा भी पहाड दिख जाता तो कोई अन्जान आदमी भी कह देता कि वाह, नैनीताल।

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

ek to nainitaal.. us par barish bhi... sone pe suhaga!!!

photos dekh ke laga hi nahi ki ye cell phone se liye gaye hain.. nice clics

Happy Blogging

कविता रावत said...

nainitaal ka saudaray sach mei apritam hai... Khoobsurat nazaron se bhare taalon kee to baat hi nirali hai..
bahut achhi man bhati tasveeron kee prasuti ke liye dhnayavaad

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत ही उम्दा चित्र. शुभकामनाएं.

रामराम.

VICHAAR SHOONYA said...

ये तो सावन कि बारिश है इसमें तो मजा ही आयेगा पर मैंने तो एक बार सर्दियों में नैनीताल कि बारिश झेली थी.

मुनीश ( munish ) said...

Life & Times of Nainital ! Marvellous !!

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

२६ ता० को नैनीताल मे थे हम . चार छाते खरीदे तब ही बच पाये बारिश से

शारदा अरोरा said...

सुन्दर चित्र हैं ...आजकल ये रंग-बिरंगे छाते भी नैनीताल की पहचान बन गए हैं ...थोक में आए हैं बिकने के लिए ...

Comic World said...

वाह क्या खूबसूरती से नैनीताल की बारिश को कैमरे में कैद किया है,लगता है जैसे बारिश उकर-उकर जाती है.